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- सर्वज्ञ मुनि ज्योतिष एवं मंत्र विज्ञानं,हस्त अनुसधान केंद्र द्वारा निर्मित सिद्ध एवं प्राणप्रतिष्टित लाभकारी यन्त्र एवं अन्य सामग्री
आज बाजार यंत्रो और अन्य सामग्री से से भरा हुआ है| रंग भी रंगे यंत्रो एवं अनेक प्रकार की अध्यात्मिक सामग्री की लम्बी क़तर है परन्तु उनसे सभी से सायद ही हमे कुछ लाभ होता हो क्युकी तंत्र शास्त्रों में स्पस्ट लिखा है की उपरोक्त सभी वस्तुऐ उतम एवं विशष समय पर विशष सामग्री द्वारा शास्त्रोप्त विधि से बनी और प्राणप्रतिष्टित होने पर ही लाभ करी होती है | जबकी इस समय ऐसी दुर्लभ मानी जाने वाली वस्तुओ को बनाने के लिए रात दिन अनेको फक्टोर्य चलरही है |और उन्हें इस बात से कोई भी मतलभ नही होता की कोनसा यन्त्र किस मेटल पर किस विधि से कब बनाना है|शनि का यन्त्र सूर्य की धातु पर ताम्बे पर,माँ पीताम्बरा (बंगला मुखी का यन्त्र) लाल रंग में इत्यआदि |यहे सब सिर्फ हिन्दू धर्म के पतन का पथ है,क्युकी ऐसी सामग्री से जब किसी को भी कुछ लाभ नही होगा तो लोगो का हिन्दू धर्म की इन सभी अनमोल वस्तुओ एवं सामग्रीयो से पूर्ण विशवास उठ जायेगा,तथा वहे दिन दूर नही जब हिन्दू धर्म की हट पूजा पाठ विधि को ही लोग त्याग्दे |तरह-तरह के श्री यन्त्र 5 -5 रुपे में बिक रहे है,आज श्री यन्त्र के नाम पर ताम्बे व्हे कांच के श्री यन्त्र का अछा- खासा व्यापर होरहा है|जब की अगर कोई वियक्ति श्री यन्त्र के महान रहेस्ये को जानले तो वह सही शास्त्रोप्त श्री यन्त्र को लाख,50हजर में भी खरीदने से भी परहेज नही करेगा|कुलमिला कर इतना कहदे कि शास्त्रोक्त पद्धति से बने यन्त्र अथवा अन्य सामग्री अपने आप में पूर्ण विज्ञान समेटे हुऐ होती है |जिन के दर्शन मात्र से ही लाभ मिलजाता है,तिरुपति बाला जी के मंदिर में श्री यन्त्र का ही कमाल है कि वहा का चढ़ावा चार-चार बांको में रखा जाता है|
कहने की बात नही की अगर कोई ऐसी वस्तु किसी साधक द्वारा शास्त्रोप्त विधि से बनी हो तो उसका चमत्कारी प्रभाव मिलेगा|सर्वज्ञ मुनि एवं ज्योतिष मंत्र विज्ञान अनुसधान केंद्र द्वारा पिछले 17- 18 वर्षो से ऐसी विशेष कीमती सामग्री एवं हस्त निर्मित यन्त्र एवं वस्तुए सिद्ध एवं प्राणप्रतिष्टित कर इचुक साधको को उपलब्ध करवाई जाती है |शंस्थान में यहे सभी यन्त्र भोजपत्र पर सुभ नक्षत्र एवं शास्त्रोप्त समय पर बना कर सिद्ध एवं प्राणप्रतिष्टित कर दिए जाते है|
जिनका तजुर्बा सबसे अधिक भारत एवं अन्य देशो के प्रसिद्ध ज्योतिषयो ,व्यवसाइयो,उद्योग पतियों ,राजनेताओ ,ड़ोक्टोरो,वकीलों ने किया है |इन सभी अनमोल वस्तुओ को बनाने के पीछे हमारा मकसद व्यवसाय नही आपित हिन्दू धर्म के पूर्वाचार्यो द्वारा बहत मेहनत से तैयार की गई स्वर्णिम को जन कल्याण हेतु उनकी सौच की अनुरूप जनता के लाभार्थ जन -जन तक पहुचाना है|
हमे आशा ही नही पूर्ण विशवास है कि संसथान द्वारा निर्मित तंत्र एवं अन्य सामग्री जनता के हित में सार्थक सिद्ध होगी|
कुछः यन्त्र ऐसे है जिनकी शस्त्रोप्त द्रिस्ति से इन्तेर्णेत पर तस्वीर देने शास्त्र के खिलाफ़् है उन्मे से कुछः क विव्रन हुं यह देर्हे है तथा पथ्कोन कि सुविधा के लिये उनकी जरुरत के अनुरूप हर प्रकार के यन्त्र संस्थान द्वारा बनाना उप्लभ्द कार्ये जाते है,
- दुर्घत्न नाशक यन्त्र (नेओशवेर दक्षिण 5100)
- नसव ग्रह शान्ति यन्त्र ३१०० अलग अलग नव ग्रह यन्त्र ५०० पेर यन्त्र
- मुर्तुये से रक्षा के लिये महा मृतुन्जये यन्त्र ११०००
- चण्डी यन्त्र २१००
- दुउर्ग सप्तशति यन्त्र ११००
- संतान प्राप्ति हेतु सिध् गोपाल यन्त्र
- स्वरन् भैरव यन्त्र ३१००
- अक्रषन 1100
- तर पूजा 1100
- पन्द्रिय 3100
- धनदा लक्ष्मि यन्त्र २१००
- वन्दि मोक्ष यन्त्र ११०००
- सर्व कार्य सिधि यन्त्र ५१००
- श्री यन्त्र Shree Yantra Rs .21000
- एक ऐसा प्रयोग (कार्य पूर्ण न होने पर पुरे पैसे वपिसि)त्रिलोः चलला ११०००
- जादु तोन,भूत प्रेत बध नाशक लोह चलला ५१००
- जदु तोन नाशक लोह कदा ६१००
- ऐश्वर्य ,शुकः,स्मृधि अवम भूत व्याध नाशक फ़िरोजा ब्रास्स्लेत ५१००
- फ़िरोज अन्गुथि ३१००
- कुबेर्पोत्ली २१००
- अन पूर्ण बनस्पति पोत्ली ११००
- अखुत भण्डार ११००
- मुन्ग,मोती,पुखराज का भाग्य वेर्दक लोकेत गोल्ड मे ३१०००(सोने के भव बदलने शुल्क मे पर शुल्क मे अन्तर आसक्ता है)
- सरकारी नोकरी मे उन्नत्ति तथा धन वृधि के लिये मुन्ग,मोती,मणिक का लोकेत गोल्ड मे २१००० (सोने के भव बदलने शुल्क मे पर शुल्क मे अन्तर आसक्ता है)
- व्यापार वृधि हेतु नीलं,हीर अवम पन्ने का लोकेत गोल्ड मे 51000(सोने के भव बदलने शुल्क मे पर शुल्क मे अन्तर आसक्ता है)
- बाक सिधि हेतु स्फटिक कि सिध् माला ११००
- दुर्भाग्य नाशक मुन्ग मोती रुद्रक्ष् माला ५१००
- भक्ति,मुक्ति अवम कक्यनअर्थ नाम राशि के अनुरूप पञ्च मुखी से ११ मुखी तक सिध् रुद्रक्ष् माला २१००
- २ मुखी से चर मुखी तक रुद्रक्ष् माला २१०० लक्ष्मि प्राप्ति हेतु कमल गत्ते कि सिध् माला
- दक्षिणा वर्ति संख् ५०० से ११००० तक आकार के अनुरूप
- दाव् का बन्दा ३१०००
- हर कार्य मे वृधि हर्तु इन्दर जाल दिब्बी ५१००
- इस्त्है संपदा हेतु बिल्ली कि जेर चण्डी कि दब्बी ११००
- मिर्गी रोग नाशक सुपारी माला २१००
- भूत प्रेत जादु तोन रक्षा कर अवन भाग्य वेर्दक गुरोचेन युक्त ताबिज २१००
- जादु तोन नाशक चण्डी मे मधा हुअ सुअर के दन्त का लोकेत
कुछ अन्य यंत्रो के चित्र एवं उनकी राशी :-
Durbhagya Nashak Yantra,Rs.2100
संस्थं द्वारा उप्लब्दः सारी सामग्री शस्त्रोप्त सिध्,प्रन्प्रतिस्थित अवम १००% असली है किसी भिओ वस्तु को शास्त्र के विरुध् य नकली सवित कर्णे वाले को २१००० रुपय इनाम दिया जायेग,मानव का धर्म है शास्त्र के अनुरूप सत्य कार्य कर्ण फ़ल् देन ईश्वर की इछा पर निरबहर है।




