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	<title>Astrology Den: All About Indian Spirituality &#38; Jyotish/Astro Sciences</title>
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	<description>A Healthy &#38; Fruitful Discussion</description>
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		<title>दीपावली पर स्थाई लक्ष्मी प्राप्ति के लिए अचूक उपाए</title>
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		<pubDate>Wed, 05 Oct 2011 15:19:43 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
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		<title>(Possition Of Indian govt) भारत सरकार की स्थिति डामाडोल तारे ठीक नही</title>
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		<pubDate>Fri, 23 Sep 2011 17:37:29 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
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		<description><![CDATA[स्वतंत्र भारत की कुंडली में गोचरगत नीच का मंगल कुटुंब भाव में,U.P.A अध्यक्ष सोनिया गाँधी,राहुल गाँधी ,पि.चिदंबरम ,प्रणव मुखेर्जी इत्यादि के लिए मंगल,राहू,केतु,शानी दूषित है विघटन हो सकता है भारत सरकार में ,समय प्रतिकूल है.कुन्न्वे का झगडा फूट का कारन बन सकता है. पूर्ण जानकारी के लिए पढ़े मासिक पत्रिका सर्वज्ञ-मुनि ज्योतिष दर्पण ,oct 2011.]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000000;">स्वतंत्र भारत की कुंडली में गोचरगत नीच का मंगल कुटुंब भाव में,U.P.A अध्यक्ष सोनिया गाँधी,राहुल गाँधी ,पि.चिदंबरम ,प्रणव मुखेर्जी इत्यादि के लिए मंगल,राहू,केतु,शानी दूषित है विघटन हो सकता है भारत सरकार में ,समय प्रतिकूल है.कुन्न्वे का झगडा फूट का कारन बन सकता है.</span></p>
<p><span style="color: #000000;">पूर्ण जानकारी के लिए पढ़े मासिक पत्रिका सर्वज्ञ-मुनि ज्योतिष दर्पण ,oct 2011.<br />
</span></p>
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		<title>Magical Ring For make your life better</title>
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		<pubDate>Mon, 29 Aug 2011 12:31:37 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
				<category><![CDATA[Tantra]]></category>
		<category><![CDATA[Yantra & Mantra Science]]></category>

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			<content:encoded><![CDATA[<p><object width="500" height="400"><param name="movie" value="http://www.youtube.com/v/Ci02VHZchds?version=3"></param><param name="allowFullScreen" value="true"></param><param name="allowscriptaccess" value="always"></param><embed src="http://www.youtube.com/v/Ci02VHZchds?version=3" type="application/x-shockwave-flash" width="500" height="400" allowscriptaccess="always" allowfullscreen="true"></embed></object></p>
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		<title>योग गुरु बाबा राम देव &#8221; रहिमन चुप घर बैठिये देख दिनन के फेर &#8220;</title>
		<link>http://astrologyden.com/archives/1160</link>
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		<pubDate>Sat, 25 Jun 2011 10:51:02 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
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			<content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;</p>
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<p><a href="http://astrologyden.com/wp-content/uploads/2011/06/rammmmm.jpg"><img class="alignnone size-full wp-image-1168" title="राम देव बाबा " src="http://astrologyden.com/wp-content/uploads/2011/06/rammmmm.jpg" alt="" width="368" height="229" /></a></p>
<p>सब जानते है की भारतीये राज्नित्येगो का तथा कुछ पुन्जिपैत्यो का पैसा स्विज्ज़ बंक्को में पड़ा है क्युकी राजनीती में आने का लाख्शाये ही भारत्चार करना कुछ नेताओ की निति बानगी है.जनता द्वारा जनता के  लिए  जनता  में  से  चुने  गए  कुछ  नुमैन्दे  खुद  को  भारत का  भाग्य  विधाता  या  राजाओ  महाराजो  की  श्रेंणी  में  गिनने  लगाये  थे|<span id="more-1160"></span> सायद  उन्होंने  हिटलर  के  इथ्यास  को  जादा  मनन  से  पढलिया  इस  चीज़  का  आभास  प्रतेक  भारतीये  कर  रहा  था  बाबा  राम  देव  जगह -जगह  योग  के  शिविर  लागढ़े  थे  भारत  की  जनता  अपने  तनाव  ग्रस्त  मस्तिस्क  को  तथा  रोगों  से  घिरे  शारीर  को  रहत  देने   के  लिए  पतंजल  योग  प्रदीप  के  मतंसा  बाबा  राम  देव  के  पीछे  लगी  जनता  से  योग  चेत्र  में  मिला  सहयोग  देखकर  बाबा  फुल  कर  कुप्पा  होगये  जनता  में  नारा  देदिया  की  स्विज्ज़  बंक्को  से  पैसा  वापस  लायेंगे  और  भ्रस्तचार  मिटायेंगे  .भीतर  ही  भीतर  बाबा  खुद  को  भारतीये  जनता  का  मसीहा तथा  आने  वाले  समय  में भारत  सर्कार  के  विशेष  पदों  हेतु  प्रबल  दावेदार  मानने  लगाये  ,वो  यहे  नही  समझ  सके  की  भारतीय  जनता  को  योग  सिखने  के  नाम  पर  जो  भारतीये  जनता  उनके  पीछे  लगी  उसमे  भारत  की  जनता  का  ही  भला  था  बाबा  का  नही ,पैसा  वापस  आता  है तो  भी  भारत  की  जनता  कम  कर  ही  खाना  खाती  किन्तु  ख्याति  बाबा  राम  देव  को  मिल  जाती .इस  स्थिति  में  बाबा  राम  देव  सायद  यहे  भूल  गए  की  शनि  महाराज  की सादे  साती  के  कारन  ही  उन्हें  पुरे  भारत  में  घूम -घूम  कर ,कूद -कूद  कर  कपाल  बहती  कर  के  कठिन  परिश्रम  के  साथ  जनता  की  सेवा  करनी  पड़ी  तथा  सेवा  का  मेवा  खाने  का  समय  आया  तो  कांग्रेस्सियो  द्वारा  उत्पात  मचने  पर  महिलाओ  के  वस्त्र  धारण  कर  के  सभा  से  पीठ  दिखाकर  भागना  पड़ा  ,रजा  विक्रम  पर  भी  कुछ -कुछ  ऐसी  ही  शनि  की  सादे  साती  आई  थी  उन्हें  नही  पता  था  की  शैतान  घोड़े  की  जगह  उनको  उत्पति  कांग्रेस्सियो  की  सेना बल  द्वारा  उड़न  खटोले  पर  उनके  ही  पटक  दिया  जायेगा .</p>
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<p>ये  शनि  महाराज  ही  की  जमती  भंग  करके  कथूर  परिश्रम  करवाते  है  और  उसका  फल  भी  प्राप्त  नही  होने  देते  ,बाबा  राम  देव  को  चाहिए  की  व्हे  सर  से  उनके  ऊपर  आई  सादे  साती  का  कुछ  प्रबल  उपाय  करे  क्युकी  पहले  ढाई  साल  सर  पर  स्वर  रहते  है  जिससे  <span id="13_TRN_b0">vyakti </span> की  मति  भंग  होजाती  है  ,उधर  कांग्रेस  का  हम  लिख  ही  चुके  है  हमारा  बाबा  रामदेव  से  अनुरोध  है  की  व्हे  योग  के  साथ -साथ  ग्रहो  नक्षत्रो  की  गति  पर  भी  ध्यान  दे  बहत  ही  दुःख  होता  है  हिन्दू   समर्दाये  को  जब  कोई  तानाशाही  सरकार  भागमा  वस्त्र  धारियों  को  अप्सब्ध  कहती  है  बाबा  राम  देव  को  इस  बात  पर  अवश्य  विचार  करना  चाहिए  की  करोरो  हिन्दुओ  की  भावनाए  उनके  द्वारा  धारण  किये  गए  भागमा  वस्त्रो  से  जुडी  हुई  है  अगर  बाबा  राम  देव ,पतंजलि  योग  पीठ  या  कोई  भी   रस्त्राए  हितैषी  राज्नितेगाये  भारत  का  भला  चाहते  हुए  ज्योतिशिये  सेवाए  लेना  चाहे  तो  अंतर  राष्ट्रेये  ज्योतिशिये  धरम  संग  तथा  मासिक  पत्रिका  सर्वज्ञ  मुनि  ज्योतिष  दर्पण  परिवार  ज्योतिशिये  सेवाओ  को  निशुल्क  प्रदान  करने  के  लिए  सदेव  तैयार  है.</p>
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		<title>कांग्रेस पर शनि की ढहिय</title>
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		<pubDate>Wed, 22 Jun 2011 09:41:40 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
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		<description><![CDATA[&#160; इस संसार का तमाम जड़ एवं चेतन जगत ग्रेह्हो से प्रभावित होता है कुछ पूर्वाचार्यो का तो यह तक मन्ना है की देव लोक अविम पातळ लोग के वासी भी ग्रहो के अछे-बुरे  भोग  भोगते है ,इस स्थिति में कोई स्यासी पार्टी जिसमे हजारो लोगो का हित-अहित है वहे ग्रहो k प्रभाव से कैसे [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://www.congress.org.in/new/Collage.png" alt="" /></p>
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<p>इस संसार का तमाम जड़ एवं चेतन जगत ग्रेह्हो से प्रभावित होता है कुछ पूर्वाचार्यो का तो यह तक मन्ना है की देव लोक अविम पातळ लोग के वासी भी ग्रहो के अछे-बुरे   भोग  भोगते है ,इस स्थिति में कोई स्यासी पार्टी जिसमे हजारो लोगो का हित-अहित है वहे ग्रहो k प्रभाव से कैसे बच सकती है . कांग्रेस की राशी मिथुन में नीच राशिगत केतु ने एवं लगन से सप्तम सांझे क घर में नीच राहू का प्रकोप 22 नोव.2009 से 6 जून 2011 तक रहा.<span id="more-1116"></span>इसके सरह-साथ मिथुन राशी से चोथे घर में बैठे शनि ने धिया के तहाथ कांग्रेस्सियो के सुखचैन को छीनना नीच राशीगत रहू केतु और शनि की धिया के प्रकोप का फल ही था की कांग्रेस्सियो ने रात के 1 बजे सद्दे शती से पीड़ित श्री बाबा राम देव  पर  उत्पात किया इसमें  भारत की जनता की नजर में कांग्रेस की क्या छबी उभर कर आई यहे कहने की आवय्क्श्यकता नही,राहू केतु द्वारा कांग्रेस्सियो से करवाए गए उत्पात  एवं चुप-चाप गुप्त तरीके से पुलिस द्वारा किये गए लाठी चार्ज अविम आंसू गैस के गोले तथा उनके बब्बोलेपन का खामयाजा कांग्रेस को लम्बे समय तक भुगतना पस्द्सकता है मंत्रियो और सांसदों का जेल जाना भी ग्रहो  का प्रकोप ही है कनिमूजी भी राहू,केतु ,शनि से पिद्दित रही.<span id="24_TRN_8e">बह्ज्पा</span> को भी राहू केतु ने प्रभावित किया किन्तु शनि नून रहा जिस कारन वहे मानसिक रूप से पीड़ित नही हुए जब की शनि ने साड्डे साती के प्रभाव से कांग्रेस्सियो को सुख तथा मानसिक शांति से वंचित कर रखा है,इसमें कोई  दो राये नही की समय के चोथे शनि ,सोनिया गाँधी के आठ में शनि दहिया बनारहे है राहुल गाँधी ,प्रियंका गाँधी भी शनि की साड्डे साती से पीड़ित है ,प्रणव मुखर्जी भी साड्डे साती से पीड़ित है तथा डॉ.मनमोहन सिंह की लगन कुंडली में जब की शनि अछी शिति में है फिर भी साड्डे साती के आखरी ढाई साल होने के कारन  उनको शनि महाराज अपनी ही पार्टी के लोगो से रुसवाई दिलार्हे है .कपोल सिब्बल राहू -केतु ,शनि से पीड़ित थे सो जाते जाते राहू-केतु ने उनको माध्यम बनवाकर लाल वस्त्र धारियों पर डंडे ब्रस्वाए,इसमें कोई दोराए नही की कांग्रेस और कांग्रेस्सियो के मुख्य कर्मधार जून  2012 तक 4 जून को किये गए कृत्यों के कारन आशान्त रहेंगे शनि महाराज की कन्या राशी में मजुद्की नयाल्ये को  प्रबलता द्रेर्ही है भारत की जन्म कुंडली पर भी इन तीन ग्रहो का पूरा प्रभाव है.किसी से छुपा नही की मंत्री-संतरियो का जेल जाना मिलिटरी एवं पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों का कलंकित होना,राजनेताओ का भ्रस्ताचार में नंगा होना,सब इन तीन ग्रहो की कृपा से चल रहा है,भारत सर्कार को और भारत की अन्य राजनेतिक पार्टियों को अपनी स्वर्णिम ध्रूवर को  ज्योतिष के चश्मे से अपना एवं अपने रस्त्राए का हित देखकर उसके यथा संभव उपाए करने चाहिए ,धरम कोई भी हो ,सम्पर्दाये कोई भी हो,विचार  कैसे भी हो लाख्शय सबका भारत की भलाई होनी चैये क्युकी प्रतेक धरम सम्पर्दाये द्वारा की जाने वाली धार्मिक क्रियो का लाख्शय मात्र सुखमय मान्विये जीवन है.हमारे राज्नित्गाये विशेष ध्यान दे.</p>
<p>धन्यवाद</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><a href="http://www.astrologyden.com">may<br />
[slider]ank</a></p>
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		<title>कौन करे शनि महाराज के दर्शन और क्यों ?</title>
		<link>http://astrologyden.com/archives/1046</link>
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		<pubDate>Sat, 25 Dec 2010 21:11:23 +0000</pubDate>
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		<description><![CDATA[इस धरती पर प्रतेक जीव अग्नि,आकाश ,जल,पृथ्वी ,जल वायु इन 5 तत्वों में से किसी  एक तत्त्व की प्रधानता से निर्मित शरीर तथा अन्य ४ तत्वों की सहायता से संचालित होता है&#124; प्रतेक तत्त्व की मात्रा का संतुलित होना स्वस्थ शारीर का कारन है किन्तु ये जरुरी नही की संतुलन सबका ठीक ही हो यहा [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><img class="alignleft" src="http://t1.gstatic.com/images?q=tbn:ANd9GcT6glwRpLgDvys3vtoxugvHCsDIVx2uIESvCzSsyVVwV2Gk3M2BMMhPtmv8tQ" alt="" />इस धरती पर प्रतेक जीव अग्नि,आकाश ,जल,पृथ्वी ,जल वायु इन 5 तत्वों में से किसी  एक तत्त्व की प्रधानता से निर्मित शरीर तथा अन्य ४ तत्वों की सहायता से संचालित होता है| प्रतेक तत्त्व की मात्रा का संतुलित होना स्वस्थ शारीर का कारन है किन्तु ये जरुरी नही की संतुलन सबका ठीक ही हो यहा इन् तत्वों का असंतुलित होना दिखाई देता है <span id="more-1046"></span>वही मानव देह में विर्क्तिया देखि जाती है शनि महाराज यायु तत्त्व ग्रह है जो जन्म कुंडली के 12 भावो  में से तीसरे,छठे और ग्यारवे भाव को छोड़ कर बाकी सभी भावो में अशुभ फल देता है आपकी लगन कुंडली में अगर तीसरे,छठे और ग्यारवे भाव अगर शनि है तो आपको शनि महाराज लाभ ही लाभ देंगे तथा अगर कोई अग्नि तत्त्व ग्रह <span id="TRN_190">जैसे</span> <span id="TRN_191">सूर्य</span> या मंगल आपको हानि देरहे है तो उस स्थिति में  शनि के अधिक प्रभाव को प्राप्त करने हेतु अगर आप शनि मंदिर जाते है तो आपको अग्नि तत्त्व दूषित ग्रहों से राहत मिलेगी शनि का संघ्राक्षन्न प्राप्त होगा तथा अगर इन तीन ग्रहों से अलग हटकर लगन कुंडली के बाकी किसी भी भाव में अगर शनि है तो उस स्थिति में शनि मंदिर जाने से आपको हानि ही हानि होगी|सिधांत है की अगर कोई आपका सहायक है तो उस के पास जाने से आपको सहायता मिलेगी तथा अगर कोई आपका शत्रू है तो उसके पास जाने से आपको हानि ही हानि होगी|</p>
<p>शनि की किसी से भी कोई दुश्मनी  नही  होती पूर्व जन्म में किये गाये पाप कर्मो के कारन ही हमे शनि का दूषित प्रभाव भोगना पड़ता है हमने पिछले लेखो में शनि महाराज को इमानदार चीफ  जस्टिसकहा था मतलब की अगर हमारे कर्म गलत है तो शनि मंदिर जाने से शनि महाराज हमारे दंड को माफ़ नही करेगे बल्कि और जल्दी ही दंड देंगे क्युकी ये एक ऐसे ग्रह है जो चापलूसी,रिश्वत या शिफारिस कुछ नही मानते इश्वेरीये सत्ता के तहत इन्हें नव ग्रहो में प्रबल दंडाधिकारी के रूप में स्थापित किया गया है ऐसा भी नही कि हमारी लगन कुंडली में उपरोक्त तीन भावो को छोड़ कर शनि महाराज कही और है तो वो सदा हानि ही देंगे| गोचर और महादशा -अन्तर्दशा से भी शनि द्वारा दिए जाने वाले दंड का समय निर्धारित किया जाता है ,शनि के किसी शत्रू ग्रह की महादशा तथा चन्द्र कुंडली के गोचरगत तीन,छ ,ग्यारा भाव में मजूद होना शनि की क्रूरता को कम करता है इसके साथ ही मकर ,कुम्भ,बिरिष्चिक,तुला,मिथुन एवं कन्या राशी वालो के लिए भी शनि कठिन दंड नही देते इन लग्न वालो के लिए शनि मंदिर जाने से न लाभ है न हानि है,मकर और कुम्भ लग्न वाले जातको के तीन,छ,ग्यारा में अगर शनि हो तो उन्हें शनि दर्शन से अवश्य लाभ होगा इस स्थिति में शनि मंदिर जाने से पहले अपनी लगन कुंडली में शनि की स्थिति देखना अति आवश्यक है,सभी ग्रह सभी के अनिकुल नही होते और सभी ग्रह सभी के प्रतिकूल नही होते.इनकी अनुकूलता-प्रतिकूलता से ही हम शनि मंदिर जाने का या ना जाने का निर्णय ले सकते है न की आँखे बंद करके|.</p>
<p>प्राय देखा गया है कि मेष,सिंह,बिरिष्चिक लग्न वाले लोगो को शनि मंदिर जाने से अधिकतर नुक्सान ही होता है|</p>
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		</item>
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		<title>नीच राशी गत राहू-केतु और कांग्रेस (RAHU-KETU AND CONGRESS IN NICH RASHI)</title>
		<link>http://astrologyden.com/archives/1044</link>
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		<pubDate>Sat, 25 Dec 2010 20:58:49 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
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		<category><![CDATA[Effects of Planets]]></category>

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		<description><![CDATA[22 नवम्बर 2009 से राहू -केतु अपनी नीच राशी में प्रवेश किये तथा 20 दिसम्बर से शनि कन्या राशी में आये जिसके प्रभाव स्वरुप इन दूषित ग्रहों का सबसे अधिक प्रभाव कांग्रेस पार्टी को भोगना पड़ा कांग्रेस की राशी मिथुन और मिथुन में नीच का केतु तथा सप्तम भाव में नीच के राहू की मोजुदगी  [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><img src="http://t3.gstatic.com/images?q=tbn:ANd9GcRmKnt5gN1dqGmpDP2-cGkqeqMr7JbGRGSSZy2DDxO4DDFp6NqLfyYbBdDF" alt="" /><span style="color: #000000;">22 नवम्बर 2009 से राहू -केतु अपनी नीच राशी में प्रवेश किये तथा 20 दिसम्बर से शनि कन्या राशी में आये जिसके प्रभाव स्वरुप इन दूषित ग्रहों का सबसे अधिक प्रभाव कांग्रेस पार्टी को भोगना पड़ा कांग्रेस की राशी मिथुन और मिथुन में नीच का केतु तथा सप्तम भाव में नीच के राहू की मोजुदगी  और चोथे घर में शनि द्वारा ढईया के फल स्वरूप  कांग्रेस आज जनता में अपनी छवि को पूरी तरह धुमिल करचुकी है|<span id="more-1044"></span></span><span style="color: #000000;"> आज तक के इतिहास में इतने घोटालो के कलंक कभी नही आये आने वाले जून 2011 तक रहू केतु की यही स्तिति रहेगी तथा शनि की ढईया मई 2012 तक रहेगी,जो कांग्रेसियों को सुख का साँस नही लेने देगी,बडबोले कांगेस्सी सप्तम भाव में रहू के कारन उत्पाती शब्द और उत्पात तथा भ्रस्ताचार में डूबे रहेंगे तथा सुख शांति से वंचित होकर अशांतचित भटकेंगे तथा नोकरशाही कांग्रेस को केतु के प्रभाव से गर्त में डूबोदेगी ,इसका एक और ज्योतिषिये कारन गत वर्ष से मंगल का नीच राशी में निरंतर 6 माह तक संचार करना भी है,मंग्गल जब-जब नीच राशी में संचार करता है तो नोकरशाहों को अनेक्तिकता की तरफ प्रेरित करता रहेगा है जो गत वर्ष में हुआ क्योंकि भारत में कांग्रेस पार्टी की सरकार है और जेष्ट माह में १३ दिन का एक पक्ष भी हुआ है तो इन परस्थितियो में जनता का महेंगाई की मार झेलना कोई ताज्जुब की बात नही है ये भी संभव है की इस स्तिथि में आने वाले समय में कांग्रेस में ही बिखराव आजाये या जनता को मध्यवर्ति चुनाव झेलना पड़े|</span></p>
<p><span style="color: #000000;">अगर कांग्रेसी जन किसी योग्य अनुष्ठान कर्ता से राहू-केतु-शनि की शांति करवाये तो कुछ रहत मिलने की <span id="TRN_354">सम्भावना</span> है|समाज सेवी संस्थाए या सक्षम लोग जनता के हित में धार्मिक अनुष्ठान करवाकर देश हित में अपनी भाग्यादारी सुनिषित कर सकते है| श्री स्वामी राम जी जनसेवा संस्थान के दिशा निर्देशन मे मासिक पत्रिका सर्वग्यमुनी ज्योतिष दर्पण के वार्षिक उत्सव पर  सर्वज्ञ मुनि ज्योतिष एवं मंत्र विज्ञान अनुसन्धान केंद्रे द्वारा गत वर्षो से मार्च माह में विशव शनि महा यज्ञ एवं अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष महा समेलन जनता के कल्यान्नार्थ किया जाता आरहा है यह आयोजन हर वर्ष की भांति वर्ष 2011 में 15,16,17 अप्रेल को किया जा रहा है जिसमे भारत की जनता एवं भारतीय सरकार की स्थिरता,सम्पनता शांति पुष्टि एवं शुद्ध विचार की कामना के साथ श्री शत चंडी महा यज्ञ एवं अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष महासमेलन का आयोजन किया जा  रहा है, जिसमे आदी  शक्ति श्री माँ त्रिपुरसुन्दरी से सर्वे भवन्तु सुखना सर्वे सन्तु निरामयः के अनुरूप प्राथना की जाएगी जिसमे सभी देश वासियों का सहजोग स्वीकार्य है|</span></p>
<p><span style="color: #000000;">ऊं नमश्चंदीकाये:</span></p>
<p><span style="color: #000000;">प.सतेंदर भरद्वाज(केशव)</span></p>
<p><span style="color: #000000;">श्री विद्या साधक</span></p>
<p><span style="color: #000000;"> एवं </span></p>
<p><span style="color: #000000;">ज्योतिषाचार्य.</span></p>
<p><span style="color: #000000;">09871544842,09871050422.</span></p>
<p><span style="color: #000000;">e-mail us @ jyotishdrpn@gmail.com<br />
</span></p>
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		<title>How To Understand a Scorpion? Scorpio Astrology in HINDI</title>
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		<pubDate>Fri, 17 Dec 2010 07:01:40 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
				<category><![CDATA[Astro Predictions]]></category>
		<category><![CDATA[Monthly Horoscopes]]></category>

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		<description><![CDATA[]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><object classid="clsid:d27cdb6e-ae6d-11cf-96b8-444553540000" width="480" height="385" codebase="http://download.macromedia.com/pub/shockwave/cabs/flash/swflash.cab#version=6,0,40,0"><param name="allowFullScreen" value="true" /><param name="allowscriptaccess" value="always" /><param name="src" value="http://www.youtube.com/v/nYGDuJXAOx4?fs=1&amp;hl=en_US" /><param name="allowfullscreen" value="true" /><embed type="application/x-shockwave-flash" width="480" height="385" src="http://www.youtube.com/v/nYGDuJXAOx4?fs=1&amp;hl=en_US" allowscriptaccess="always" allowfullscreen="true"></embed></object></p>
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		<title>शास्त्र के खिलाफ है शनि के दर्शन?,(Shani Darshan Against is of Our Shastr)</title>
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		<pubDate>Mon, 06 Dec 2010 04:19:35 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
				<category><![CDATA[Effects of Planets]]></category>

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		<description><![CDATA[ब्रह्मवैवर्तपुराण पुराण के अनुसार गणपति जी के सिर के खण्डित होने का कारण शनि महाराज ही है&#124; गणपति जी पर दृष्टि पात करना ही था कथा के अनुसार सभी देवी देवता को गणपति जी को  आर्शीर्वाद देने आये,आने वालो मे शनि महाराज अपनी आँखों पर पट्टी  बांध कर आये थे ताकि उनकी दृष्टि शनि गणपति [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000000;"><img src="file:///C:/DOCUME%7E1/Mayank/LOCALS%7E1/Temp/moz-screenshot.png" alt="" /><a href="http://astrologyden.com/wp-content/uploads/2010/12/images.jpeg"><img class="alignnone size-full wp-image-1016" title="images" src="http://astrologyden.com/wp-content/uploads/2010/12/images.jpeg" alt="" width="223" height="167" /></a></span></p>
<p><span style="color: #000000;">ब्रह्मवैवर्तपुराण पुराण के अनुसार गणपति जी के सिर के खण्डित होने का कारण शनि महाराज ही है| <span id="more-1012"></span>गणपति जी पर दृष्टि पात करना ही था कथा के अनुसार सभी देवी देवता को गणपति जी को  आर्शीर्वाद देने आये,आने वालो मे शनि महाराज अपनी आँखों पर पट्टी  बांध कर आये थे ताकि उनकी दृष्टि शनि गणपति जी पर न पड़े किन्तु माँ पार्वती के कहने पर ही शनि महाराज ने अपनी आँखों की पट्टी उतारी और  गणपति जी को आर्शीर्वाद दिया जिस के फल स्वरुप ही  गणपति जी का सिर  खंडित हो गया ,जिस पर माँ पार्वती के अत्यंत दुखी होने पर विष्णु भागवान ने हाथी के बच्चे का सिर काट कर गणपति जी के धड पर लगाया|</span></p>
<p><span style="color: #000000;">किस ज्योतिषिये ग्रन्थ या किस अन्य शास्त्र के मताअनुसार जगह-जगह शनि मंदिर बनाये जा रहे है|अभी हाल ही में एक महानुभाव ने राहू मंदिर की स्थापना कर दी  है|भगवान् ही जाने कि इन लोगो ने कोंन सा ज्योतिषीय ग्रन्थ या कोन सा शास्त्र पढ़ा है|</span></p>
<p><span style="color: #000000;">हमारा इन महानुभावो से विनम्र निवेदन है कि खुद मालदार बन्ने के लिए जनता को गड्ढे में ना डाले| भोली भली जनता को अध्यात्म एवं ज्योतिष के नाम पर गुमराह  न करे|खाली हाथ आये थे खाली हाथ जायोगे यह दोलत ,रुतवे सब यही रह जायेंगे|धर्म-अधर्म ही खाते में जुड़े गा|</span></p>
<p><span style="color: #000000;">इस विषय पर अगर किसी जिज्ञासु को कुछ और जानकारी चाहिए तो वह हमसे संपर्क कर सकता है .</span></p>
<p><span style="color: #000000;">website:-www.astrologyden.com</span></p>
<p><span style="color: #000000;">e-mail:-www.jyotishdrpn@gmail.com</span></p>
<p><span style="color: #000000;">mob.09871050422,०९८७१५४४८४२.</span></p>
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		<title>अष्टकूट मिलान से ही वैवाहिक जीवन सुखी नही (Kundli Matching For Successful Married Life)</title>
		<link>http://astrologyden.com/archives/894</link>
		<comments>http://astrologyden.com/archives/894#comments</comments>
		<pubDate>Sun, 21 Nov 2010 13:15:21 +0000</pubDate>
		<dc:creator>admin</dc:creator>
				<category><![CDATA[Astro Predictions]]></category>

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		<description><![CDATA[आज अधिकतर विवाह योग्य युवक -युवतियों के माता पिता बच्चो की जन्म कुंडली मिलान हेतु अनेको ज्योतिषी कंप्यूटर सॉफ्टवेर का सहारा ले रहे है जन्म कुंडली बनने  के पशचात नज़र टिकती है गुंणों पर&#124;कितने गुण मिले आधे से ज्यादा गुण मिल गये तो मान  लिया जाता है की जन्म कुंडली मिल गई&#124;अधूरा ज्ञान जान को [...]]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #000000;"><img src="http://t3.gstatic.com/images?q=tbn:ANd9GcTO0CEKlHwgGA0PU5FUJ7huoxZOVcx-eCkXf38pld5hr-nLVVjm" alt="" />आज  अधिकतर विवाह योग्य युवक -युवतियों के माता पिता बच्चो की जन्म कुंडली  मिलान हेतु अनेको ज्योतिषी कंप्यूटर सॉफ्टवेर का सहारा ले रहे है जन्म  कुंडली बनने  के पशचात नज़र टिकती है गुंणों पर|कितने गुण मिले आधे से  ज्यादा गुण मिल गये तो मान  लिया जाता है की जन्म कुंडली मिल गई|<span id="more-894"></span></span><span style="color: #000000;">अधूरा  ज्ञान जान को जोखम एकाण्डटस में सिर्फ आय और व्यय कंप्यूटर द्वारा लिखा जा  सकता है|व्यय किया ,कहा कितना किया,व्यय सही या गलत इस को परखने के लिए  दुनिया में आज तक कोई सॉफ्टवेर ही नही बना, इस कार्य के लिए आज भी C.A की  आवश्यकता पड़ती है| ठीक इसी प्रकार जन्म कुंडली निर्माता में यानि गुणा-घटाव  में तो ज्योतिषिये सॉफ्टवेर सही है <img title="More..." src="../wp-includes/js/tinymce/plugins/wordpress/img/trans.gif" alt="" />,मोटे  तोर पर १/२ चीजे तो कंप्यूटर के फलादेश में सही होसकती है किन्त्तु सुखमय  जीवन हेतु जिन ज्योतिष गूट रहस्यों को परखने की आवश्यकता होती है वहा आकर   सभी सॉफ्टवेर फ़ैल होजाते है,किन्तु बड़े दुःख की बात है कि लेखा-जोखा में  तो हम C-A  को याद करते है किन्तु जहाँ सुखमय जीवनका सवाल होता है वहां आकर  दो,चार लोगो द्वारा तेयार किये गये सॉफ्टवेर पर ही विशवास करलेते है.</span></p>
<p><span style="color: #000000;">इसी का दूसरा पहलू इससे भी अधिक दुखमय है |</span></p>
<p><span style="color: #000000;">पूर्वकाल  में ब्राह्मण द्वारा जन्म कुंडली मिलान किया जाता था|वह ब्राह्मण गुंणों  से अलग हटकर हर नज़रिये से मिलान को परखता था|क्योकि अलग-अलग दोष होते है  ,जैसे विषकन्या योग,पति हन्ता योग ,सास-ससुर हन्ता योग ,विधवा योग,संतान  हन्ता योग,आदि|इन योगो के बारे में ज्योतिष क्षेत्र के पूर्व में बड़े   सुक्ष्म नज़रिए से इन्हें देखा और स्वीकार |इसके साथ कुछ योग ऐसे भी है  जिनके बनने से जातक सोचने पर मजबूर होजता है आजीवन अशांत असंतुस्ट,असंतुलित  एवं वीरान जीवन जीते है ,इन सब चीजो को परखने के लिए सॉफ्टवेर नही  विद्वानों की जरुरत होती है ,सॉफ्टवेर हालात समझ सकता है मनरूपी भाव नही  |किन्ही दो मशीनों का जीवन निर्वाह कंप्यूटर सॉफ्टवेर द्वारा देखा जा सकता  है |दो आत्माओं के सुख:दुःख एवं भावनाओ को नही|</span></p>
<p><span style="color: #000000;">मानवीय  अवेदनाओ को समझने के लिए सवेदन ह्रदय चाहिए सॉफ्टवेर नही|ये भी जरुरी नही  की प्रतेक ज्योतिषी सम्पूर्ण ज्योतिष का ज्ञानी ही हो.क्योकि ज्योतिष एक  समुद्र है जिसका कोई अथाह नही,इसके साथ-साथ किसी ब्ब्राह्मण द्वारा जन्म  कुंडली मिलान पर याग्मान द्वारा ब्राह्मण को दी गई दक्षिणा तथा ब्रामण  मुख्य से उत्चारित आर्शीर्वाद वयन भी सहयक होते थे|क्योकि ब्राहमण को  शास्त्रों में भूदेव कहा गया है. सभी देवत मंत्रो के अधीन है और मन्त्र  ब्राह्मण के अधीन है.इसलिए किसी अज्ञानी ब्राह्मण के मुख्य से निकला हुआ  आर्शीर्वाद भी फलीभुत होते था|किन्तु बड़े दुःख की बात है की आज शास्त्रों  में भूदेव कहलाये जाने वाले ज्योतिषी,बुद्धिमान ब्राह्मण आर्थिक अभाव के  कारण विभिन्न समस्याओ घिरे हुए त्रस्त जीवन जी रहे है ,और उनका वंस  परम्परागत क्रम पूजा,पाठ धरम-कर्म ,तथा ज्योतिष कुछ व्यवसायी लोगो ने पूरी  तरह कब्ज़ा करलिया है जिसका सबसे बड़ा दूरभाष समाज को तलाक और आशान्त जीवन  के रूप में भोगना पड़ रहा है ,एक शास्त्र का वाक्य याद आया कि विवाह करवाने  वाले ब्राह्मण के प्रति सम्मान भाव रखते हुए अगर  वर-वधु फेरे के उपरांत  आचार्य ब्राह्मण के पैर छु ले तो उस समय ब्राह्मण के मुख से उत्चारित  आर्शीर्वाद विवाहिक जीवन में एक लाख दोषों का नाश करने के लिए सक्षम है  .हिन्दू संस्कृति पूर्वता: असंस्कारिक और अमर्यादित रिती-रिवाजो की तरफ  आकर्षित होरही है|पशिमी सभ्यता पूर्वत: हावी होती जा रही है इन साबके चलते  वह दिन दूर नही जब एक नारी और चार &#8211; चार विवाह करके साथी से संतान उत्पन्न  करेगी और बचो के नाम के आगे पिता का नाम नही माता का नाम लिखा जायेगा|कोई  भी ज्योतिशिये सॉफ्टवेर सम्पूर्ण ज्योतिष को अपने अन्दर समाहित नही कर सकता  |ज्योतिष की बारीकियो को भी सॉफ्टवेर me नही भरा जा सकता है क्योकि उसका  भी एक दायरा है,इसलिए हमे चाहिए की वर-वधु  दोनों को विवाह से पूर्व जन्म कुन्द्कियो को किसी योग्य ब्राह्मण ज्योतिषी  से दिखवाले केवल सॉफ्टवेर पर देखे गुंणों के आधार पर विवाह हेतु मिलान  स्वीकार ना करे |</span></p>
<p><span style="color: #000000;">दो  जीवन इस प्रक्रिया के पशचाट जीवन भर एक दुसरे के संग जीवन जी ते है.वह  जीवन जिये घसीटे नही क्योकि घसीटने वाला समय अब नही है पटी तो पटी न पटी तो  तलाक के हालात है|.ऐसे में हमे अपनी संस्कृति एवं मर्यादाओं का पूर्ण  निर्वाह करके ही इस पवन कार्य को करना चाहिए.</span></p>
<p><span style="color: #000000;">प.सतेन्द्र  भरद्वाज केशव.<br />
</span></p>
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