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दीपावली पर स्थाई लक्ष्मी प्राप्ति के लिए अचूक उपाए
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(Possition Of Indian govt) भारत सरकार की स्थिति डामाडोल तारे ठीक नही
स्वतंत्र भारत की कुंडली में गोचरगत नीच का मंगल कुटुंब भाव में,U.P.A अध्यक्ष सोनिया गाँधी,राहुल गाँधी ,पि.चिदंबरम ,प्रणव मुखेर्जी इत्यादि के लिए मंगल,राहू,केतु,शानी दूषित है विघटन हो सकता है भारत सरकार में ,समय प्रतिकूल है.कुन्न्वे का झगडा फूट का कारन बन सकता है.
पूर्ण जानकारी के लिए पढ़े मासिक पत्रिका सर्वज्ञ-मुनि ज्योतिष दर्पण ,oct 2011.
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योग गुरु बाबा राम देव ” रहिमन चुप घर बैठिये देख दिनन के फेर “
सब जानते है की भारतीये राज्नित्येगो का तथा कुछ पुन्जिपैत्यो का पैसा स्विज्ज़ बंक्को में पड़ा है क्युकी राजनीती में आने का लाख्शाये ही भारत्चार करना कुछ नेताओ की निति बानगी है.जनता द्वारा जनता के लिए जनता में से चुने गए कुछ नुमैन्दे खुद को भारत का भाग्य विधाता या राजाओ महाराजो की श्रेंणी में गिनने लगाये थे|
Read Moreकांग्रेस पर शनि की ढहिय

इस संसार का तमाम जड़ एवं चेतन जगत ग्रेह्हो से प्रभावित होता है कुछ पूर्वाचार्यो का तो यह तक मन्ना है की देव लोक अविम पातळ लोग के वासी भी ग्रहो के अछे-बुरे भोग भोगते है ,इस स्थिति में कोई स्यासी पार्टी जिसमे हजारो लोगो का हित-अहित है वहे ग्रहो k प्रभाव से कैसे बच सकती है . कांग्रेस की राशी मिथुन में नीच राशिगत केतु ने एवं लगन से सप्तम सांझे क घर में नीच राहू का प्रकोप 22 नोव.2009 से 6 जून 2011 तक रहा.
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कौन करे शनि महाराज के दर्शन और क्यों ?
इस धरती पर प्रतेक जीव अग्नि,आकाश ,जल,पृथ्वी ,जल वायु इन 5 तत्वों में से किसी एक तत्त्व की प्रधानता से निर्मित शरीर तथा अन्य ४ तत्वों की सहायता से संचालित होता है| प्रतेक तत्त्व की मात्रा का संतुलित होना स्वस्थ शारीर का कारन है किन्तु ये जरुरी नही की संतुलन सबका ठीक ही हो यहा इन् तत्वों का असंतुलित होना दिखाई देता है
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नीच राशी गत राहू-केतु और कांग्रेस (RAHU-KETU AND CONGRESS IN NICH RASHI)
22 नवम्बर 2009 से राहू -केतु अपनी नीच राशी में प्रवेश किये तथा 20 दिसम्बर से शनि कन्या राशी में आये जिसके प्रभाव स्वरुप इन दूषित ग्रहों का सबसे अधिक प्रभाव कांग्रेस पार्टी को भोगना पड़ा कांग्रेस की राशी मिथुन और मिथुन में नीच का केतु तथा सप्तम भाव में नीच के राहू की मोजुदगी और चोथे घर में शनि द्वारा ढईया के फल स्वरूप कांग्रेस आज जनता में अपनी छवि को पूरी तरह धुमिल करचुकी है|
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शास्त्र के खिलाफ है शनि के दर्शन?,(Shani Darshan Against is of Our Shastr)
ब्रह्मवैवर्तपुराण पुराण के अनुसार गणपति जी के सिर के खण्डित होने का कारण शनि महाराज ही है|
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सभी ग्रहों की शांति हेतु मंत्र अवं उसका प्रयोग Mantras To Please All Your Planets
गृह मंडल
सभी ग्रहों की सहन्ती हेतु अचूक मंत्र एवं उसका प्रयोग मानव देह का निर्माण अग्नि, आकाश ,प्रिह्वी, जल ,वायु इन्ही ५ तत्वों से हुआ और इन्ही ५ तत्वों से मानव सञ्चालन होता है,सञ्चालन हेतु सभी तत्वों का संतुलित होना अति आवयशक है, इन तत्वों के असंतुलित होने पर अनेको प्रकार की शरीरिक वेयाधिया उत्पन होती है,जिन कारन हम रोग ग्रसित होकर आकाल मृतुयु को प्राप्त होते है,यहे ५ तत्व हमेकुछ सीधे तोर पर रश्मियों के रूप में प्राप्त होते है तथा कुछ वनस्पतियों एवं खाद्यपर्धरतो से प्राप्त होते है हम पिछले १५ वर्षो से अन्वेषण रत रहे कर इस नतीजे परपोअचे है की जन्म समय में जो गृह अपनी राशी में और लगन कुंडली में अपने स्थान पर स्तित हो उन ग्रहों के तत्वों की पूर्ति ठीक थक होती है और जो गृह नीचराशीगत, शत्रु में ya डिग्री से कमजोर होते है तो उन सभी ग्रहों के तत्वों की पूर्तिवाधित रहेती है
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Shani Stotra: To Please Saturn
Namah Krishnay Nilay Shitikashtnibhay chan
Namah kalagnirupay krittay ch vai namah
Namo Nirmasdehay Dirghshamshrujatay ch
Namo Vishaalnetray Shashkodarbhayakritte
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Cause of Depression and Migraine – Saturn
From time to time whatever ailments we suffer from are due to malicious planets and their rays which affect us . Even medicines give us little relief. We consider depression as a state where the person keeps thinking about any particular topic and being afraid of that matter. During this tension, a special juice formation increases in the body. Neurologists treat this condition simply by blocking the thinking capacity of the patient and Alprex or Angit are given to keep the patient away from tension.




